एक अकेला गुलाब मेरा बगीचा हो सकता है…एक अकेला दोस्त मेरी दुनिया.

एक सच्चा दोस्त वो होता है जो तब प्रवेश करता है जब बाकी दुनिया बाहर जा रही होती है.

एक दोस्त कोई ऐसा होता है जो आपके बीते हुए कल को समझता है, आपके आने वाले कल में यकीन रखता है और आपको उसी तरह अपनाता है जैसे आप हैं.

अपने दोस्त में मुझे मेरा दूसरा स्वयं दिखता है.

सच्ची मित्रता के सबसे अच्छे गुणों में से एक है समझना और समझे जाना.

दोस्त और शिष्टाचार आपको वहां ले जायेंगे जहाँ दौलत नहीं ले जा पायेगी.

नए दोस्तों के बारे में सबसे अच्छी चीज ये है कि वे हमारी आत्मा को नयी उर्जा से भर देते हैं.

कुछ आत्माएं एक दुसरे को मिलते ही समझ जाती हैं.

एक दोस्त से अच्छा कुछ नहीं होता, जब तक चॉकलेट के साथ एक दूसरा दोस्त नहीं आ जाता.

मित्रता की भाषा शब्द नहीं अर्थ है.

मित्रता अनावश्यक है, दर्शन और कला की तरह…इसके जीवन का कोई महत्त्व नहीं है; बल्कि ये उन चीजों में है जो जीवन को महत्त्व देती हैं.

मित्रता और पैसा: तेल और पानी.

एक सच्चा मित्र वो है जो उस वक़्त आपके साथ खड़ा है जब उसे कहीं और होना चाहिए था.

अगर आप खुद से दोस्ती कर लेंगे तो आप कभी भी अकेले नहीं होंगे.

मित्रता करने में धीमे रहिये, पर जब कर लीजिये तो उसे मजबूती से निभाइए और उसपर स्थिर रहिये.

सच्ची फ्रेंडशिप तब होती है जब दो लोगों के बीच की चुप्पी कम्फर्टबल हो.

मेरे पीछे मत चलो, हो सकता है मैं नेत्रित्व ना कर पाऊं. मेरे आगे मत चलो हो सकता है मैं अनुगमन ना कर सकूँ. बस मेरे साथ चलो मेरे मित्र बनकर.

एक सच्चा दोस्त, उचित सलाह देता है, सहजता से मदद करता है, आसानी से जोखिम उठता है, सबकुछ धैर्यपूर्वक सहता है, हिम्मत से बचाव करता है और बिना बदले दोस्ती बरक़रार रखता है.

जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है.

यदि आपके लिए अपने मित्र की आलोचना करना पीड़ादायक है- आप बिना डरे कर सकते हैं. लेकिन यदि आपको इसमें थोडा सा भी मजा आता है तो ये समय ज़ुबान पर लगाम देने का है.

मित्रता दो शरीरों में एक दिमाग है.

कोई भी दोस्ती इत्तफाक नहीं है.

अभी भी पुराने दोस्त जो अभी-अभी मिले हों उनके लिए कोई शब्द नहीं है.

याद रखिये कोई भी व्यक्ति जिसके पास मित्र हैं वो असफल नहीं है.

वे ये भूल सकते हैं कि आपने क्या कहा, लेकिन वे ये कभी नहीं भूलेंगे कि आपने उन्हें कैसा महसूस कराया.

दोस्त की मुसीबतों के साथ कोई भी सहानभूति प्रकट कर सकता है, लेकिन दोस्त की सफलता के साथ सहानभूति प्रकट करने के लिए बहुत ही अच्छी प्रकृति की आवश्यकता है.

लोग अकेले हैं क्योंकि वे पुल के बजाय दीवारों का निर्माण करते हैं।

बाद में कभी मेरे वैसे दोस्त नहीं बने जैसे तब थे जब मैं 12 साल का था.

मित्र वो दुर्लभ लोग होते हैं जो पूछते हैं कि हम कैसे हैं और फिर हमारे उत्तर की प्रतीक्षा करते हैं.

हम बाकी सभी रिश्तों के साथ पैदा होते हैं पर दोस्ती ही एक मात्र रिश्ता है जिसे हम खुद बनाते हैं.