मित्रता दो शरीरों में रहने वाली एक आत्मा है.
सभी के साथ विनम्र रहिये, पर कुछ के साथ ही घनिष्ठता बनाइये, और इन कुछ को भी पूर्ण विश्वास करने से पहले अच्छी तरह से जांच लीजिये
मित्रता की भाषा शब्द नहीं अर्थ है.
मित्र बनाने में धीमे रहिये और बदलने में और भी.
सबसे खूबसूरत खोज जो ट्रू फ्रेंड्स करते हैं वो ये है कि वे बिना अलग हुए अलग-अलग आगे बढ़ सकते हैं.
एक सच्चा मित्र वो है जो उस वक़्त आपके साथ खड़ा है जब उसे कहीं और होना चाहिए था.
यदि आप एक दोस्त की तलाश करेंगे तो आप पायेंगे कि वे बहुत ही कम हैं. यदि आप दोस्त बनेंगे, तो आप उन्हें हर जगह पायेंगे.
एक दोस्त वो होता है जो आपको वैसे ही जानता है जैसे आप हैं, आपके बीते हुए कल को समझता है, आप जो बन गए हैं उसे स्वीकारता है, और तब भी आपको आहिस्ता-आहिस्ता बढ़ने देता है.
अपने दोस्त में मुझे मेरा दूसरा स्वयं दिखता है.
मित्रता दो शरीरों में एक दिमाग है.
मेरे पीछे मत चलो, हो सकता है मैं नेत्रित्व ना कर पाऊं. मेरे आगे मत चलो हो सकता है मैं अनुगमन ना कर सकूँ. बस मेरे साथ चलो मेरे मित्र बनकर.
पुरुष मित्रता को फ़ुटबाल की तरह चारो ओर मारते हैं, लेकिन वो टूटती नहीं है. महिलाएं इसे शीशे की तरह लेती हैं और वो टुकड़े-टुकड़े हो जाती है.
अभी भी पुराने दोस्त जो अभी-अभी मिले हों उनके लिए कोई शब्द नहीं है.
दोस्ती का फायदा ये है कि आप बकवास कर सकते हैं, और उस बकवास को सम्मान दिला सकते हैं.
दोस्त की मुसीबतों के साथ कोई भी सहानभूति प्रकट कर सकता है, लेकिन दोस्त की सफलता के साथ सहानभूति प्रकट करने के लिए बहुत ही अच्छी प्रकृति की आवश्यकता है.
सच्चे दोस्त हीरे की तरह होते हैं- चमकदार, सुंदर, मूल्यवान, और हमेशा फैशन में.
अंत में हम अपने दुश्मनों की कही बातें नहीं बल्कि दोस्तों का मौन याद रखेंगे.
अगर आप खुद से दोस्ती कर लेंगे तो आप कभी भी अकेले नहीं होंगे.
दोस्त और शिष्टाचार आपको वहां ले जायेंगे जहाँ दौलत नहीं ले जा पायेगी.
मित्रता करने में धीमे रहिये, पर जब कर लीजिये तो उसे मजबूती से निभाइए और उसपर स्थिर रहिये.
अगर आप पता लगाना चाहते हैं कि सच्चा दोस्त कौन है, गड़बड़ कर दीजिये और मुसीबत के दौर से गुजरिये….फिर देखिये कौन आपके साथ टिका रहता है.
सच्चे दोस्त सामने से छुरा भोंकते हैं.
ये प्यार की कमी नहीं, बल्कि दोस्ती की कमी है जो शादियों को दुखदायी बनाती है.
दोस्ती कुछ ऐसा नहीं है जो आप स्कूल में सीख सकते हैं. लेकिन यदि आपने दोस्ती का मतलब नहीं सीखा है तो वास्तविकता में आपने कुछ भी नहीं सीखा.
अपने दुश्मनों के सामने खड़े होने के लिए बहुत साहस चाहिए होता है, लेकिन दोस्तों के सामने खड़े होने के लिए कहीं अधिक साहस चाहिए होता है.
वे ये भूल सकते हैं कि आपने क्या कहा, लेकिन वे ये कभी नहीं भूलेंगे कि आपने उन्हें कैसा महसूस कराया.
सचमुच महान दोस्त खोजना मुश्किल, छोड़ना कठिन और भूलना नामुमकिन है.
मुझे सुनना पसंद है. मैंने सुनकर बहुत कुछ सीखा है. ज्यादातर लोग कभी सुनते नहीं हैं.
दोस्त वो होता है जो आपको आप जैसे हैं वैसा होने की पूरी आज़ादी देता है.
एक अकेला गुलाब मेरा बगीचा हो सकता है…एक अकेला दोस्त मेरी दुनिया.