"मैं कहाँ जनता हूँ दर्द की क़ीमत ! मेरे अपनों ने मुझे मुफ्त में दिया है !!"

"वो किताबों में लिखा नहीं था ! जो सबक़ ज़िन्दगी ने सिखाया मुझे !!"

"मोहब्बत भी उधार की तरह है ! लोग ले तो लेते है मगर देना भूल जाते हैं !!"

"क़ाश तुम मेरे होते ! क़ाश ये अल्फाज़ तेरे होते !!"

लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद ! अच्छे इंसान से बदला लेते हैं !!"

"जहां कभी तुम हुआ करते थे ! वहां अब दर्द होता है !!"

"जिस्म के ज़ख्म का इलाज तो मुमकिन है ! लेकिन रूह के ज़ख्म का हकीम नहीं कोई !!"

अकेले ही गुज़रती है ज़िन्दगी ! लोग तसल्लियाँ तो देते है पर साथ नहीं !!

मेरी हर आह ! के बदले वाह ! मिली है मुझको ! कौन कहता है कि दर्द बिकता नहीं !!"

"तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है ! पर पूरी उसकी होती है जो तक़दीर लेकर आता है !!"

"क्या फायदा है अब रोने से ! जो प्यार न समझा वो दर्द क्या समझेगा !!"

"तुम अपने ज़ुल्म की इन्तेहा करदो ! क्या पता फिर कोई हमसे बेज़ुबाँ मिले न मिले !!"

सफर ज़िन्दगी का ज़रा छोटा था उसके साथ ! पर वो शख्स एक याद सा हो गया पूरी ज़िन्दगी के लिए !!"

"तेरे बाद न आएगी इस ज़िन्दगी अब कोई और ! एक मौत है जिसकी हम क़सम नहीं दें सकतें !!"

दर्द कम नहीं हुआ है मेरा ! बस सहने की आदत हो गयी है !!"

"न जाने किस दरबार का चिराग़ हूँ मैं ! जिसका दिल करता है जलाकर छोड़ देता है !!"

"तरस गए हैं हम तेरे मुँह से कुछ सुनने को ! प्यार की बात न सही कोई शिकायत ही कर दें !!"

"मुझे कहाँ से आएगा लोगों का दिल जीतना ! मैं तो अपना भी हार बैठा हूँ !!"

"गुज़र जायेगा ये दौर भी ज़रा सब्र तो रख ! जब खुशियाँ ही न रुकी तो ग़म की क्या औकात है !!"

"कौन समझ पाया आज तक हमें ! हम अपने हादसों के अकेले गवाह हैं !!"

"सोचा था एक घर बनाकर बैठूंगा सुकून से ! लेकिन घर की ज़रूरतो ने मुसाफिर बना दिया !!"

"यही सोचकर सफाई नहीं दी हमने ! इल्ज़ाम भले ही झूठे हैं पर लगाए तो तुमने हैं !!"

ये दिन भी क़यामत की तरह गुज़रा है ! न जाने क्या बात थी हर बात पर रोना आया !!"

अपनी पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैंने ! ठीक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने !!"

"दुबारा इश्क़ होगा तो तुझसे ही होगा ! खफा हूँ मैं बेवफा नहीं !!"

अगर मुमकिन हो तो मुझे अपना बनालो तुम ! मेरी तन्हाईयाँ गवाह है मेरा अपना कोई भी नहीं !!"

. "वो मेरे साथ चलते तो थे ! मगर किसी और की तलाश में !!"

"भूलने वाली बातें याद हैं ! इसलिए ज़िन्दगी में विवाद है !!"

"मेरे ग़म का छोटा सा हिस्सा लेकर तो देखो ! मरने की ख्वाहिश न करने लगे तो कहना !!"

तजुर्बा एक बार का ही इबरत के लिए काफ़ी था ! मैंने देखा नहीं इश्क़ दुबारा करके !!"