"क़ाश तुम मेरे होते ! क़ाश ये अल्फाज़ तेरे होते !!"

"तुम अपने ज़ुल्म की इन्तेहा करदो ! क्या पता फिर कोई हमसे बेज़ुबाँ मिले न मिले !!"

लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद ! अच्छे इंसान से बदला लेते हैं !!"

ज़रा सी वक़्त ने करवट क्या ली ! गैरों की लाइन में सबसे आगे अपनों को पाया हमने !!"

"सोचा था एक घर बनाकर बैठूंगा सुकून से ! लेकिन घर की ज़रूरतो ने मुसाफिर बना दिया !!"

लोग कहते है समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं ! मैं बरसो से खामोश हूँ और बरसो से बेखबर !!"

"एक उम्र बीत गयी तुझे चाहते हुए ! तू आज भी बेखबर है कल की तरह !!"

"रिश्तें उन्ही से बनाओ ! जो निभाने की औकात रखते हों !!"

. "मेरी कोशिश हमेशा से नाकाम रही ! पहले तुम्हें पाने की अब तुम्हें भुलाने की !!"

"वो एक ख़त जो उसने कभी लिखा ही नहीं ! मैं हर रोज़ उसका जवाब तलाश करता हूँ !!"

"मुझे कहाँ से आएगा लोगों का दिल जीतना ! मैं तो अपना भी हार बैठा हूँ !!"

. "भूल जाना तो ज़माने की फितरत है ! पर तुमने शुरुआत हमसे ही क्यों की !!"

"कौन समझ पाया आज तक हमें ! हम अपने हादसों के अकेले गवाह हैं !!"

"जो लोग दर्द को समझते हैं ! वो लोग कभी दर्द की वजह नहीं बनते !!"

"क्या फायदा है अब रोने से ! जो प्यार न समझा वो दर्द क्या समझेगा !!"

दर्द कम नहीं हुआ है मेरा ! बस सहने की आदत हो गयी है !!"

"मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में ! बस हम गिनती उसकी करते हैं जो हासिल न हो सका हो !!"

"यूँ सिमट गया मेरा प्यार चंद अल्फाज़ो में ! जब उसने कहा मोहब्बत तो है पर तुमसे नहीं !!"

. "मोहब्बत सच्ची हो तो लौट कर ज़रूर आती है ! खैर छोड़ो सब कहने की बाते हैं !!"

"रूठूँगा तुझसे तो इस क़दर रूठूँगा तेरी आँखे तरस जाएगी मेरी एक झलक को !!"

"दर्द मुझको ढूंढ़ लेता है रोज़ नए बहाने से ! वो हो गया वाक़िफ़ मेरे हर ठिकाने से !!"

"सुना है मोहब्बत मिलती है मोहब्बत के बदले ! हमारी बारी आई तो रिवाज ही बदल गया !!"

"नाज़ुक लगते थे जो लोग ! वास्ता पड़ा तो पत्थर के निकले !!"

अभी तक मौजूद हैं मेरे दिल पर तेरे क़दमों के निशाँ ! हमने तेरे बाद इस राह से किसी को गुज़रने नहीं दिया !!"

हर किसी में तुझे पाने की कोशिश की ! बस एक तुझे न पाने के बाद !!

"तरस गए हैं हम तेरे मुँह से कुछ सुनने को ! प्यार की बात न सही कोई शिकायत ही कर दें !!"

"बनना है तो किसी के दर्द की दवा बनो ! जख्म तो हर इंसान देता है !!"

"कोई सिखादे मुझे भी अपने वादों से मुक़र जाना ! बहुत थक चुका हूँ निभाते-निभाते !!"

"जो लोग सबकी फ़िक्र करते हैं ! अक्सर उनकी फ़िक्र करने वाला कोई नहीं होता !!"

"दुबारा इश्क़ होगा तो तुझसे ही होगा ! खफा हूँ मैं बेवफा नहीं !!"