कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं
एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं
Another month. Another year. Another smile. Another tear. Another winter and another summer too. But there can never be another you.
Apno ko jab apne kho dete hain tanhaiyon me aksar wo ro dete hain, kyu palkon par rakhte hain log unko,jo in palkon ko hamsha aansuon se bhigo dete hain.
जब रिश्ते ही दम तोड़ चुके हों.... तो फिर प्यार, इजहार,गलती का अहसास ,सही गलत कुछ भी मैटर नहीं करता। 💕
अच्छी लगती है ये खामोशियाँ भी अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ख़त्म हो गया।
pretending to be okay is not easy at all
तुमको भी कहाँ जरूरत है मेरी, तुम्हारे लिये तो मैं भी बिछड़ा हुआ जमाना हूँ.....!!
बहुत उदास हे कोई तेरे जाने से हो सके तो लौट आ किसी बहाने से, तू लाख खफा सही मगर एक बार तो देख ,कोइ टूट गया है तेरे रूठ जाने से।
it hurts but i’ll never show that im hurt
At Childhood we cry loudly to get what we like, but when Grown up we cry silently to forget what we like.
वक़्त गूंगा नहीं, बस मौन हैं, वक़्त आने पर बता देता हैं की किसका कौन हैं...
बहुत मन करता है हसने का, पर किसी की कमी रुला देती है
कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न
ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....
चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है
People come into our lives and you never know for how long.
ज़ारो चेहरों में एक तुम दिल को अच्छे लगे, वरना ना चाहत की कमी थी ना चाहने वालो की.
ना साथ है किसी का, ना सहारा है कोई, ना हम किसी के हैं ना हमारा है कोई.
कभी मिले फुर्सत तो इतना जरुर बताना वो कौनसी मोहब्बत थी जो हम तुम्हे ना दे सके
दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें , जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...
बहुत सोच समज कर रूठा करो अपनो से, आज कल मनाने के रिवाज नही हैं ।। 💔
काश ! वो सुबह नींद से जागे तो मुझसे लड़ने आए, कि तुम होते कौन हो मेरे ख़्वाबों में आने वाले
थोड़ी जगह दे दे मुझे तेरे पास कहीं रह जाऊं मैं खामोशियाँ तेरी सुनु ओर दूर कहीं ना जाऊं मैं
मोहबत के सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई..!
कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात , न ज़ज्बात
हम खुद से बिछड़े हुये लोग हैं, तुमसे क्या मिल पायेंगे |
मोहब्बत नहीं है उसे मुझसे ये जानता हूँ मैं फिर भी ये बात कहाँ मानता हूँ मैं
तेरे दिल के बाजार में मै रोज़ बिकती हुं , कुछ लफ्ज़ तेरी यादों के हर रोज़ लिखती हुं
कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..